गर्भवती होने पर बहुत ज्यादा चीनी खाने के क्या प्रभाव होते हैं?HealthPlanet

Posted on Thu 13th Oct 2022 : 10:57

गर्भावस्‍था में बहुत कुछ खाने का मन करता है और इस दौरान मीठा खाने की क्रेविंग भी बहुत होती है। हालांकि, इस समय महिलाओं को शुगर खाने को लेकर बहुत सावधान रहना पड़ता है क्‍योंकि ज्‍यादा चीनी खाने से मां और गर्भस्‍थ शिशु को नुकसान पहुंच सकता है।

अगर आपका भी प्रेगनेंसी में मीठा या ज्‍यादा शुगर खाने का मन करता है जो यहां जान लीजिए कि गर्भावस्‍था में कितनी मात्रा में शुगर खाना सही रहता है।

प्रेगनेंसी में शुगर की कितनी मात्रा सही है
गर्भावस्‍था के दौरान शुगर की मात्रा को लेकर कोई निर्धारित नियम नहीं है। इसलिए बेहतर होगा कि आप सावधानी के साथ मीठी चीजों का सेवन करें।। आपको प्रेगनेंसी में शुगर की मात्रा कितनी लेनी है, ये आपके ब्‍लड शुगर लेवल, वजन और मेटाबोलिक रेट पर भी निर्भर करता है। वैसे गर्भावस्‍था में एक दिन में 25 ग्राम से अधिक मात्रा में शुगर नहीं लेनी चाहिए।

गर्भावस्‍था में ज्‍यादा मीठा खाने के नुकसान
मीठी चीजों में कोई कैलोरी और पोषण नहीं होता है। इनमें सूक्रोज होता है जिससे ब्‍लड शुगर लेवल बढ़ जाता है और महिलाओं को थकान और लो एनर्जी महसूस होती है। ज्‍यादा मीठा खाने से वजन भी बढ़ सकता है। गर्भावस्‍था में वैसे ही वजन बढ़ता है और मीठा खाने से मोटापा हो सकता है।
खाने में शुगर की मात्रा अधिक होने से एक्‍यूट फैटी लिवर सिंड्रोम हो सकता है। इसका असर भ्रूण का मेटाबोलिक रेट प्रभावित हो सकता है और आगे चलकर बच्‍चा मोटापे का शिकार हो सकता है। इससे बच्‍चे में टाइप 2 डायबिटीज का खतरा रहता है।

ज्‍यादा मीठा खाने का शिशु पर प्रभाव
मीठी और कार्बोहाइड्रेट युक्‍त अधिक चीजें खाने से शिशु के विकास पर प्रभाव पड़ सकता है। खून में अधिक शुगर होने से जेस्‍टेशनल डायबिटीज या टाइप 2 डायबिटीज अनियंत्रित हो सकती है जिसका शिशु पर गलत असर पड़ता है।
यदि अधिक शुगर प्‍लेसेंटा से शिशु को नुकसान पहुंचा सकती है और भ्रूण में ब्‍लड शुगर के स्‍तर को बढ़ा सकती है। इससे शिशु के खून में इंसुलिन ज्‍यादा बन सकता है और शिशु का आकार बढ़ सकता है। इस स्थिति को मैक्रोसोमिया कहते हैं।
वहीं, शिशु का आकार बड़ा होने पर सिजेरियन डिलीवरी और प्रीमैच्‍योर डिलीवरी की जरूरत पड़ सकती है।

मीठा खाने से दस्‍त या एसिडिटी हो सकती है
मीठी चीजों से एसिडिटी नहीं होती है लेकिन इससे पहले से हो रही एसिडिटी और खराब हो सकती है। चॉकलेट, खट्टे फलों, पुदीने, फैटी फूड और कैफीन वाले पेय पदार्थों में शुगर पाई जाती है। ये चीजें एसिडिटी पैदा कर सकती हैं इसलिए इनका सेवन न करें।

वहीं, प्रेगनेंट महिलाओं को दस्‍त होने पर मीठी चीजें ज्‍यादा नहीं खानी चाहिए। इससे पेट में मौजूद पानी अधिक मात्रा में निकल जाता है और स्थिति खराब हो जाती है।

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